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"ऊ" से अभी कोई विषय मौजूद नहीं है।



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"ऐ" से अभी कोई विषय मौजूद नहीं है।



"ओ" से अभी कोई विषय मौजूद नहीं है।



"औ" से अभी कोई विषय मौजूद नहीं है।



क़ब्र कमजोरी कर्म कलम कवि काँटा कामना कामयाब कारगिल विजय दिवस किताब किसान किस्मत कुदरत कृष्ण जन्माष्टमी


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"झ" से अभी कोई विषय मौजूद नहीं है।



"ट" से अभी कोई विषय मौजूद नहीं है।



"ठ" से अभी कोई विषय मौजूद नहीं है।



डर डोली


"ढ" से अभी कोई विषय मौजूद नहीं है।



तन्हा तारा तिरंगा तीज तीर्थ तुलसीदास


"थ" से अभी कोई विषय मौजूद नहीं है।



दर्द दान दिल दिवाली दीया दीवाना दुःख दुर्घटना दुश्मन दुश्मनी दुष्कर्म दूर देर देश देशभक्ति दोस्ती दौर


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फरिश्ता फूल फौजी


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क्ष

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त्र

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राम प्रसाद आर्य

राम प्रसाद आर्य

आर्य

10 जनवरी, 1968

बारे में


राम प्रसाद जी का जन्म दिनांक 10 जनवरी, सन् 1968 को, ग्राम- डूंगरासेटी (चक्कू), तहसील चम्पावत, तत्कालीन राज्य उत्तर प्रदेश में एक अत्यधिक ग़रीब परिवार में हुआ। इनका बचपन का नाम रमेश

था। इनके पिता श्री नाथू राम, कपड़ा सिलाई का काम करते थे। गाँव में ज़मीन बहुत कम होने के कारण इसी काम से उन्होंने अपने इस पाँचवें सन्तान का लालन-पालन किया और पढ़ाया। वर्ष 1980 में सरकार से भूमि गिराना होने पर वह ग्राम पुनेठी में बस गए और वर्तमान में इसी गाँव में निवासरत हैं।

राम प्रसाद जी ने प्राथमिक शिक्षा गाँव की पाठशाला- कुलेठी से और इण्टरमीडिएट तक की शिक्षा जी०आई०सी० चम्पावत से प्राप्त की। ये बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे, प्रायः अधिकांश कक्षाओं में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। इन्टर पास होने के बाद राम प्रसाद ने वर्ष 1986 में बी०ए० प्रीवियस किया, फिर वह पटवारी प्रशिक्षण हेतु अल्मोडा़ चले गए। पटवारी प्रशिक्षण पूर्ण कर वर्ष 1989 में बी०ए० फाइनल किया और अक्टूबर 1989 में राजस्व विभाग में पटवारी पद पर चयनित हो गए।

राम प्रसाद (रमेश) जी को बचपन से ही हिन्दी कविताओं को पढने का शौक़ था। वह हिन्दी कविताओं को अक्सर गा-गाकर पढ़ते थे। जिस कारण बचपन से ही इन्हें साहित्य के प्रति गहरी रुचि थी। राजस्व विभाग जैसे प्रशासनिक क्षेत्र में सेवारत रहते हुए भी वह आज तक निरन्तर हिन्दी साहित्य में काव्य सृजन में लगे हुए हैं। इनके द्वारा रचित पहला काव्य संग्रह "ज़माने की झलक" वर्ष 2011 में लोकार्पित हुआ, जो जनमाना में काफ़ी लोकप्रिय रहा। इनके द्वारा रचित कुमाँऊँनी खण्डकाव्य "जौग्यानि दी" वर्ष 2016 में लोकार्पित हुआ, वह भी लोगों ने बहुत पसन्द किया।

वर्तमान में राम प्रसाद (रमेश) जी जनपद चम्पावत में सहायक भूलेख अधिकारी के पद का प्रभार संभाले हुए हैं और कई साहित्यिक सस्थाओं से जुड़े हैं। अपनी उत्कृष्ट काव्य रचनाओं के लिए कई बार सम्मानित भी हो चुके हैं। इनकी अधिकांश रचनाएँ समसामयिक परिदृश्य पर आधारित हैं, जिनमें सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विसंगतियों पर करारा कटाक्ष स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है। इनकी कतिपय हिन्दी और कुमाँऊँनी काव्य रीतियाँ प्रकाशनार्थ तैयार हो चुकी हैं। आशा है, वह भी शीघ्र सुधी पाठकों को पढने हेतु उपलब्ध होंगे।

गीत (1)



कविता (5)



            

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