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प्रवीन 'पथिक'

प्रवीन उपाध्याय

पथिक

28 अक्टूबर, 1994

बारे में


हिन्दी के सुप्रसिद्ध कवि एवं चिंतक प्रवीन "पथिक" जी का जन्म उत्तर-प्रदेश के बलिया जनपद के कुसौरा नामक एक छोटे से गाँव में 28 अक्टूबर 1994 को हुआ था। इनकी बचपन से ही कुछ रचनात्मक कार्य करने की बाल प्रवृति साहित्य सृजन के रूप में उन्मुख हुई। इस कार्य में इनके आलंबन और प्रेरणास्रोत बड़े भाई प्रकाशचंद उपाध्याय जी का अहम योगदान रहा, जिसके फलस्वरूप इन्हे कवि-जीवन प्राप्त हो सका। इनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव के ही एक विद्यालय से पूर्ण हुई। इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण के पश्चात उच्च शिक्षा के लिए इन्होंने घर छोड़ा। इसके पूर्व ही 2013 में अपने गुरु के सहलेखन में इनकी प्रथम पुस्तक "आवारा-दीवाना" संस्कृति प्रकाशन वाराणसी से प्रकाशित हुई।
2014 में ये काशी हिन्दू विश्वविद्यालय आ गए, जहां इन्होंने बी०ए० (ऑनर्स) तथा साथ ही यहीं से हिंदी में परस्नातक की पढ़ाई पूर्ण की। 2015-19 तक ये मधुबन गोष्टी (बी०एच०यू०) के अस्थाई सदस्य रहे।
2019 में ये पुनः अपने जनपद बलिया आए और वर्तमान में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय से बी० एड० कर रहे हैं। इनकी अनेक देशी और विदेशी पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ और सामयिक मुद्दों पर लेख और निबंध प्रकाशित होते रहते हैं साथ ही ये वाराणसी से निकलने वाली पत्रिका "राघव" के उप संपादक के रूप में भी कार्यरत हैं।


कविता (24)



गीत (7)



ग़ज़ल (2)



कुण्डलिया छंद (1)



आलेख (1)



लेख (1)



शेर (1)



            

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