उड़ाने सभी आसमानो में है,
आज पंछी सभी ठिकानो में है।
आँगन में चुगते रहे सारा दिन,
उनकी ज़िंदगी उन दानो में है।
चुनाँचे तन-मन की तरो ताज़गी,
चाय के फैले बाग़ानो में है।
जितनी मिठास परिहासों में नहीं,
वह अपनापन यहाँ तानो में है।
कुंडली मारकर बैठी उदासी,
ख़ुशी दूर बजते तरानो में है।

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