तन्हा है चराग़ दूर परवाने हैं
अपने थे जो कल आज वो बेगाने हैं
बे-रंगी-ए-दुनिया का न पूछो अहवाल
क़िस्से हैं कहानियाँ हैं अफ़्साने हैं

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