साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3619
पटना, बिहार
1846 - 1927
तारीफ़ बताऊँ शेर की क्या क्या है नग़्मों की सदाक़त इस से ख़ुद पैदा है असलियत-ए-हाल जिस से मख़्फ़ी रह जाए हुशियार कि वो शेर नहीं धोका है
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