साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3580
आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश
1919 - 2002
शोर यूँही न परिंदों ने मचाया होगा, कोई जंगल की तरफ़ शहर से आया होगा।
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