साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3580
कटनी, मध्य प्रदेश
1979
नदी से बतियाते हुए घाट सिरा देते अपनी पीड़ाएँ रात के एकांत में उदार जल सोख लेता घाट के आस्तिक दुःखों को एक कविता में नमी की भाप उठती है
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