साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3574
कटनी, मध्य प्रदेश
1966
सख़्त शहर नहीं क़बीले हैं। हरकत से ढीले-ढीले हैं।। लगे हुए जो घर के सम्मुख, कनेर वे पीले-पीले हैं। बादाम-दशहरी या चौसा, यहाँ आम बहुत रसीले हैं। थाने वाले वे हैं अफ़सर, स्वभाव से वो रंगीले हैं। मान-मनौव्वल करवाते हैं, या ज़िद्दी और हठीले हैं।
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