साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3604
करीमनगर, तेलंगाना
1942 - 2008
अँधेरे में हो इसीलिए अकेले हो रोशनी में आओगे तो कम से कम अपने साथ एक परछाईं तो जुड़ी पाओगे।
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