साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3604
इटावा, उत्तर प्रदेश
1538 - 1625
पान पुराना घी नया, अरु कुलवंती नारि। चौथी पीठि तुरंग की, स्वर्ग निसानी चारि॥
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