साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3615
कटनी, मध्य प्रदेश
1966
मकड़जाल सा है बुना, इस दुनियाँ में झूठ। मौसम का आघात है, गईं बहारें रूठ।।
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