साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
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बहराइच, उत्तर प्रदेश
1992
दीपावली का जश्न मनाने का दिन है आज, अम्न-ओ-वफ़ा का दीप जलाने का दिन है आज। हरगिज़ न हो सके अब अँधेरा किसी के घर, ऐसी शमा को मिलके जलाने का दिन है आज।
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