साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3580
इन्दौर, मध्य प्रदेश
1946 - 2009
अगर ठीक से तय कर सकता कि कहाँ खड़ा रहूँगा ऐसी बिन बुलाए रात में तो बता सकता मैं किसी भी तारे की ठीक जगह चाहे कितनी ही प्रकाश-वर्षों के अंतराल पर मैं गुनगुना सकता तुम्हारे मन में इस वक़्त सोया हुआ विचार।
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