साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3574
इटावा, उत्तर प्रदेश
1925 - 2018
अब के सावन में शरारत ये मिरे साथ हुई, मेरा घर छोड़ के कुल शहर में बरसात हुई।
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