कोरोना / देशभक्ति / सुविचार / प्रेम / प्रेरक / माँ / स्त्री / जीवन

जगत जननी दुर्गमा (गीत)

हे! माँ जगत जननी दुर्गमा,
अब विश्व का कल्याण कर दे।

हम सभी तो शिशु तुम्हारे,
प्यार का आँचल प्रहर दे।

हे! दयामयि हे! क्षमामयि,
अब कष्ट से उद्धार कर दे।

बस हो हृदय में रूप तेरा,
ऐसे सदा उद्गार भर दे।

दुःख दर्द से हम सब बचें,
ऐ माँ तू चमत्कार कर दे।

ओ माँ जगत जननी दुर्गमा,
अब विश्व का कल्याण कर दे।

शुभ प्रेम की गंगा बहा माँ,
दुःखों का संहार कर दे।

ओ माँ जगत जननी दुर्गमा,
अब विश्व का कल्याण कर दे।


सुषमा दीक्षित शुक्ला
सृजन तिथि : अप्रैल, 2020
            

रचनाएँ खोजें

रचनाएँ खोजने के लिए नीचे दी गई बॉक्स में हिन्दी में लिखें और "खोजें" बटन पर क्लिक करें