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दी अगर सबने ढिलाई (ग़ज़ल)

दी अगर सबने ढिलाई,
क्यों नहीं करते भलाई।

लोग केवल ढूँढ़ते हैं,
अब भलाई में बुराई।

जन्म दिन में दीजिएगा,
ढेर सी उनको बधाई।

जो शहर औ घर जला दे,
नाम है दीया-सलाई।

गर बुरा है कह दिया तो,
आ रही मुझको रुलाई।

वो महीना जून का था,
यह महीना है जुलाई।


अविनाश ब्यौहार
  • विषय :
सृजन तिथि : 25 जुलाई, 2022
अरकान : फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन
तक़ती : 2122 2122
            

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