देशभक्ति / सुविचार / प्रेम / प्रेरक / माँ / स्त्री / जीवन
लोकगीत

नटखट रचावे लीला न्यारी हो
आशीष कुमार
नटखट रचावे लीला न्यारी हो मोरा बाँके बिहारी नटखट रचावे लीला न्यारी हो मोरा बाँके बिहारी बाँके बिहारी मोरा बाँके
ले चल रे! कहरवा पिया के नगरी
संजय राजभर 'समित'
कइसे चली डगरिया भर के गगरी। ले चल रे! कहरवा पिया के नगरी।। ओकरा से मोर शरधा बा लागल। दुनिया में लहँगा कई बार फाटल।।
मगिहौं वरदान
सुषमा दीक्षित शुक्ला
मगिहौं वरदान माई के मन्दिरवा भीतर, गइहौं गुनगान देवी के मन्दिरवा भीतर। सोना न मगिहौं चाँदी न मगिहौं, घोड़ा न मगिहौ
अजेय योद्धा: महाराजा सूरजमल
समुन्द्र सिंह पंवार
अजेय योद्धा कहती दुनिया सूरजमल महाराज तनै, जाट सुरमा युगों-युगों तक पूजै जाट समाज तनै। 13 फरवरी, 1707 का बड़ा पवित्र दि
कवन सुगवा मार देलस ठोरवा
आशीष कुमार
कवन सुगवा मार देलस ठोरवा, ए रामा गजब भइले ना। कि आहो रामा सुगवा जुठार देलस केरवा, ए रामा गजब भइले ना। कतना जतनवा से
प्यारी मइया
सुषमा दीक्षित शुक्ला
मइया री मइया ओ मोरी मइया। हम तोहरे बालक हैं तू प्यारी मइया। मइया री... 2 चन्दा के जैसो मुखड़ो है तेरो, नयनन मा ममता है
माई के मन्दिरवा भीतर
सुषमा दीक्षित शुक्ला
मगिहौं वरदान माई के मन्दिरवा भीतर। 2 गइहौं गुनगान देवी के मन्दिरवा भीतर। 2 सोना न मगिहौं चाँदी न मगिहौं, घोड़ा न मगि
देवी मइया
सुषमा दीक्षित शुक्ला
मइया ऊँची है तोहरी अटरिया। कइसे आवउँ मै तोहरी नगरिया। 2 लहँगा मइ लाई चुनरिया हूँ लाई, बेलवा चमेलिया की माला बनाई,
प्रेम के रंग
सुषमा दीक्षित शुक्ला
होली खेलें श्याम यमुना जी के तीर, सखी चल ना सही यमुना जी के तीर। राधा रानी संग रास रचावें, गोरे बदन मा रंग लगावें। स

और देखे..

            

रचनाएँ खोजें

रचनाएँ खोजने के लिए नीचे दी गई बॉक्स में हिन्दी में लिखें और "खोजें" बटन पर क्लिक करें