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गीत

पुत्र का संदेश - अभिनव मिश्र 'अदम्य'
  सृजन तिथि : 5 जून, 2022
ओ चतुर कागा! हमारे गाँव जाना। पुत्र का संदेश उस माँ को सुनाना। मातु से कहना कि उसका सुत कुशल है, याद वो करता उन्हें
सजन स्वप्न में आए थे - संजय राजभर 'समित'
  सृजन तिथि : 7 जून, 2022
धीरे-धीरे नहा उठी थी, जब अहसास कराए थे। सखी रात की बात बताऊँ, सजन स्वप्न में आए थे। जब ज़ुल्फ़ों को सहलाकर वो, खींच बा
अग्निवीर - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
  सृजन तिथि : 22 जून, 2022
हम अग्निवीर सीमा प्रवीर, बलिदान राष्ट्र पथ जाते हैं। हम शौर्यवीर गंभीर धीर, स्वाभिमान विजय रण गाते हैं। हम महाज
जय बजरंगी - सुषमा दीक्षित शुक्ला
  सृजन तिथि : 20 मई, 2022
जय महावीर जय बजरंगी, तेरा ही एक सहारा है। विपदा के बादल छाँटो प्रभु, तेरे बिन कौन हमारा है। प्रभु रोग शोक अवसाद हर
अभी बाक़ी है - सुषमा दीक्षित शुक्ला
  सृजन तिथि : 1 अप्रैल, 2021
तू मुझमें अभी बाक़ी है, तू मुझमें कहीं बाक़ी है। ये तेरा ही तो साया है , ये अब भी मेरा साथी है। ये तेरा ही तो जलवा है, ये
पहली मुहब्बत - अभिनव मिश्र 'अदम्य'
  सृजन तिथि : 1 मई, 2022
हृदय पत्रिका पर प्रणय की कहानी, नहीं भूल पाया वो यादें पुरानी। हमारी हक़ीक़त थी वो, पहली मुहब्बत थी वो। नयन से नयन ज
स्कूल चलें हम - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
  सृजन तिथि : 15 जून, 2022
आओ हम सब बच्चे भारत, नौनिहालों साथ स्कूल चलें। अ आ इ ई क ख ग घ पाठ ज्ञान, हम भारतीय इन्सान बनें। ज्ञानोदय नव भोर कि
स्याह रजनी को हरा कर - सीमा 'वर्णिका'
  सृजन तिथि : 5 मई, 2022
कौमुदी थिरके धरा पर, स्याह रजनी को हरा कर। साँझ ले आती उदासी, चाहतें लेती उबासी। छोड़ कर हम को अकेले, नींद बैरन है
मैं एक पत्रकार हूँ - सुषमा दीक्षित शुक्ला
  सृजन तिथि : 30 मई, 2022
मैं एक पत्रकार हूँ, मैं एक पत्रकार हूँ। समाज का हूँ आईना, अवाम का ग़ुबार हूँ। कहाँ पे क्या सही हुआ, कहाँ पे क्या ग़लत
सलोने चाँद आ - सुषमा दीक्षित शुक्ला
  सृजन तिथि : 22 मई, 2022
मैं तुझे दर्पण बना लूँ, ऐ! सलोने चाँद आ। प्यार के दो क्षण चुरा लूँ, ऐ! सलोने चाँद आ। चाँदनी को है ख़ुमारी, रात का भी नृ
प्रेम युगल जीएँ कुछ लम्हें - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
  सृजन तिथि : 9 मई, 2021
कुछ पल तेरे संग बिताएँ, स्वप्निल दुनिया साथ रचाएँ। जिए साथ हम बन हमजोली, नवजीवन आलोक जगाएँ। अन्तर्मन अवसाद भुला
प्यारी माँ - सुषमा दीक्षित शुक्ला
  सृजन तिथि : 5 अप्रैल, 2021
चंदन जैसी माँ तेरी ममता, तेरी मिसाल कहाँ दूँ माँ। जनम मिले गर फिर धरती पर, तेरा ही लाल बनूँगा माँ। तूने कितनी राते
सुन बदरा रे! - संजय राजभर 'समित'
  सृजन तिथि : 1 अगस्त, 2018
सुन बदरा रे! हैं विकल जीव सारे, शिथिल सब थके हारे। तप्त हलक अधरा रे! सुन बदरा रे! सूखे ताल तलैया, ले अब कौन बलैया?
समय का पहिया - गोरख पांडेय
  सृजन तिथि :
समय का पहिया चले रे साथी समय का पहिया चले! फ़ौलादी घोड़ों की गति से आग बर्फ़ में जले रे साथी! समय का पहिया चले! रात
गाऊँ सियाराम भजन - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
  सृजन तिथि : 9 अप्रैल, 2022
आज जन्मदिवस रघुनायक रघुवर, चैत्र शुक्ल नवमी तिथि नमन करूँ। सच्चिदानंद मनोहर अवतार हरि, कौसल्या दशरथ नंदन चित्त ध
नूतन हिन्दू वर्ष नमन हो - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
  सृजन तिथि : 3 अप्रैल, 2022
है चैत्र शुक्ल है प्रतिपदा शुभ, सनातन नववर्ष शुभ मुदित हो। पूजन कर नवरात्र चैत्र में, कीर्ति सुखद मुस्कान हर्ष हो
नव संवत - सुषमा दीक्षित शुक्ला
  सृजन तिथि : 28 मार्च, 2022
नव संवत की बेला आई, कलियों ने ओढ़ी तरुणाई। श्वासों की शाखों पर देखो, सुंदर पुष्प गुलाब खिले हैं। मादकता मधुबन में फ
मेरा कितना पागलपन था - गोपालदास 'नीरज'
  सृजन तिथि :
मेरा कितना पागलपन था! मादक मधु-मदिरा के प्याले जाने कितने ही पी डाले पर ठुकराया उस प्याले को, जिससे था मधु पीना सी
होली आई रे - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
  सृजन तिथि : 18 मार्च, 2022
रंग बरसे होली फाल्गुनी बयार आई रे, सब ख़ुशियों रंगों की थाल सजाई रे। शान्ति प्रेम सौहार्द्र आपसी भेंट सजाकर लाई रे,
होली की आई बहार - राम प्रसाद आर्य
  सृजन तिथि :
चली फागुन की मन्द-मन्द फुहार, कि होली की आई बहार। भीगे प्रेम-रस बाल, बृद्ध नर-नार, कि होली की आई बहार।। कान्हा धरे अ
भारति जय विजयकरे - सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
  सृजन तिथि :
भारति, जय, विजयकरे! कनक-शस्य-कमलधरे! लंका पदतल शतदल गर्जितोर्मि सागर-जल, धोता शुचि चरण युगल स्तव कर बहु-अर्थ-भरे
चाँदनी फैली गगन में - हरिवंश राय बच्चन
  सृजन तिथि :
चाँदनी फैली गगन में, चाह मन में। दिवस में सबके लिए बस एक जग है, रात में हर एक की दुनिया अलग है, कल्पना करने लगी अब र
अग्नि देश से आता हूँ मैं - हरिवंश राय बच्चन
  सृजन तिथि :
अग्नि देश से आता हूँ मैं! झुलस गया तन, झुलस गया मन, झुलस गया कवि-कोमल जीवन, किंतु अग्नि वीणा पर अपने दग्ध कंठ से गात
श्री चित्रगुप्त भगवान स्तुति - डॉ॰ रवि भूषण सिन्हा
  सृजन तिथि : 26 फ़रवरी, 2022
हे लेखनी-मसि भाजन भगवन, हे धर्मराज भगवन। तुझको पीताम्बर अर्पण, तुझको पुष्प माला अर्पण। हे श्री चित्रगुप्त भगवान
शिव गौरा परिणय शुभ पावन - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
  सृजन तिथि : 28 फ़रवरी, 2022
महा शिव शंकर त्रिभुवनेश्वर, द्वादश ज्योतिर्लिंगराज रे। रामेश्वर नव पीत वसन सज, चले शैलेश्वर हिमराज रे। विश्व
बम बम भोले - सुषमा दीक्षित शुक्ला
  सृजन तिथि : 28 फ़रवरी, 2020
डम डम डम डम डमरू बोले, हे! बम भोले बम बम भोले। जय महाकाल जय प्रलयंकर, जय नीलकंठ जय जय शंकर। तुम रोम-रोम के बासी हो, तु
दायित्व - अभिनव मिश्र 'अदम्य'
  सृजन तिथि : 10 दिसम्बर, 2021
है नहीं आसान, घर दायित्व, निज सिर पर उठाना। सच कहूँ! मुश्किल बहुत दो, वक्त की रोटी चलाना।। ख़र्च हम करते रहे अब, तक प
ठान लो तुम लक्ष्य कोई - अभिनव मिश्र 'अदम्य'
  सृजन तिथि : 25 फ़रवरी, 2021
छोड़कर सारे बहाने, स्वप्न को दे दो उड़ाने। ठान लो तुम लक्ष्य कोई, पथ नहीं दुष्कर लगेगा। कर्म पर रहना अडिग बस, व्यर्थ
पिया बिसराये - सुषमा दीक्षित शुक्ला
  सृजन तिथि : 5 फ़रवरी, 2020
अब ना सखी मोहे फागुन सुहाए, अब तो सखी मोहे पिया बिसराये, अब तो सखी मोहे पिया बिसराये। अब नहीं करते पिया मीठी बतिया
शिव स्तुति - डॉ॰ रवि भूषण सिन्हा
  सृजन तिथि : 22 फ़रवरी, 2022
बम बम बम बोले हम, हे बाबा भोलेनाथ, हे जटाधारी नाथ‌। डम डम डम तेरी डमरू बाजे, भक्तों की है यही पुकार। हे बाबा भोलेना

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